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Nov 4, 2025

सफेद दाग (ल्युकोडर्मा)

 सफेद दाग (ल्युकोडर्मा)



सफेद दाग जिसे ल्युकोडर्मा में स्किन का रंग हल्का या सफेद  होने है. हमारी स्किन का रंग मस्तिष्क में बनने वाले एक हार्मोन द्वारा नियंत्रित होता है. इस बीमारी को होम्योपैथिक दवाएँ पूरी तरह ठीक करके स्किन के रंग को पुनः पहले जैसा सामान्य बनाने में सक्षम हैं.


सफेद दागों के बारे में विभिन्न भ्रांतियां हमारे देश में प्रचलित हैं. यह न तो कोढ़(Leprosy) है, न ही एक-दूसरे को फैलने वाला कोई छुआछूत का रोग है. यह आपको भी किसी से नहीं हुआ है. शरीर पर बने बड़े से बड़े, पुराने से पुराने सफेद दाग भी ठीक हो जाते हैं.

सफेद दाग हो जाने का मतलब जीवन खराब हो जाना नहीं है. शिखर होम्योपैथिक क्लीनिक में 2003 से सफेद दाग के मरीजों का सफल इलाज हो रहा है. इतने वर्षों में हम सैकड़ों रोगियों को ठीक कर चुके हैं. सफेद दागों के इलाज के लिए 6 महीने से कुछ वर्षों तक लगातार दवाओं का इस्तेमाल करना होता है. इसमें खाने की दवाएँ ही मुख्य होती हैं, कुछ दवाएँ लगाने के लिए भी प्रयोग की जाती हैं.

होम्योपैथिक दवाओं के लंबे समय तक प्रयोग करने पर भी किसी प्रकार के साईड इफेक्ट या दुष्प्रभाव नहीं होते हैं. इन दवाओं को छोटे बच्चों व गर्भवती महिलाओं द्वारा भी इस्तेमाल किया जा सकता है.
सफेद दाग हो जाने का मतलब जीवन खराब हो जाना नहीं है. लयुकोडर्मा का ईलाज संभव है.




डॉ वंदना पाटनी

बी एच एम एस( जयपुर)

डॉ रविंद्र सिँह मान

बी एच एम एस(जयपुर)


शिखर होम्योपैथिक क्लिनिक

कपिल काम्प्लैक्स, मुखानी,
हल्द्वानी- 263139
नैनीताल
उत्तराखंड

मो- 9897271337

ईमेल- dr.r.mann@gmail.com

Online Consultation Available 

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